अपनी किस्मत में तारे सजाएं
दृढ़ इच्छा का दीपक जलाए
सपनों को सच करना अगर है,
शिक्षा से रिश्ता अपना बनाएं
किताबों से दिल जो लगेगा,
कामयाबी का सेहरा सजेगा।
लाख मिल जायेंगे दिल बिछाए,
जिनके पीछे तू मजनूं बना है।
अपनी हिम्मत को अब आजमाएं
दृढ़ इच्छा का दीपक जलाएं।
जब मोबाइल से दूरी बनेगी,
राह किताबों की ओर मुड़ेगी।
गर जमाने से बढ़ना है आगे,
रात को दिन बनाना पड़ेगा।
दृढ़ इच्छा का दीपक जलाएं,
अपनी किस्मत में तारे सजाएं।
सपनों को सच करना अगर है,
शिक्षा से रिश्ता अपना बनाएं।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें