दिल की क्या बात है
दिल की क्या बात है,
हम उन्हें जान दे चुके।
उनकी एक निगाह को,
हर अरमान दे चुके।
अक्सर ही पूछते हैं लोग,
क्यों खामोश से हो तुम।
क्या बताएं हम उन्हें,
हर एक अंजाम दे चुके।
ना खुद के पास हैं,
ना जहां में ही शायद।
उनकी एक मुस्कान को,
यह इनाम दे चुके।
दिल की क्या बात है,
हम उन्हें जान दे चुके।
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