घर से निकल गया

 अपना वजूद ढूंढने घर से निकल गया। 

रास्ते के ठोकरों से कई बार लड़ गया।

मुश्किल सफर था मगर ये एतबार था।

मंजिलों को भी कुछ मुझसे प्यार था।

मंजिल से मिलने वास्ते घर से निकल गया।

अपना वजूद ढूंढने घर से निकल गया।

लोगों ने मेरे वास्ते छोड़ा नही कुछ भी,

मैं भी डटा रहा कि हासिल करके जाऊंगा।

अपनी इसी एक जिद में,अपनो से लड़ गया।

अपना वजूद ढूंढने घर से निकल गया

रास्ते के ठोकरो से कई बार लड़ गया।




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