सफर में मुश्किलें ना हो तो,

जिंदगी का मजा नहीं आता। 

खुद की कमाई इज्जत का, 

एक लफ्ज ही बहुत है ‌।

मुफ्त में बहुत मिल जाए 

तो भी मजा नहीं आता। 

अपने ईमान की सूखी रोटी भी,

अमृत की तरह मीठी लगे।

मुफ्त की पनीर में भी, 

मुझे वह स्वाद नहीं आता। 

पहचान मेरी हो कहीं तो,

बस मेरे ही नाम से।

किसी और का परिचय दूं तो, 

वो मजा नहीं आता।

सफर में मुश्किलें ना हो, 

तो जिंदगी का मजा नहीं आता।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

चूहे जी चले ससुराल

मैं खुद से दूर हूं