प्रभु
मैं नित तेरे चरणों में रहूं,
तेरा ही ध्यान हमेशा धरु।
तू ही तो विघ्न का हर्ता है,
तू ही तो पालन कर्ता है।
अद्भुत तेरा दरबार प्रभु,
जहां रोज नए चमत्कार प्रभु।
कब तक मन विकल रहे मेरा,
कब तक मैं तिल तिल रोज मरूं।
कुछ ऐसा कर दो जीवन में,
पथ आलोकित हो मेरा।
मन के हर कोने-कोने में,
बस तेरा ही प्रकाश रहे।
तू ही तो विघ्न का हर्ता है,
तू ही तो पालन कर्ता है।
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