मैं शिक्षक हूं

 मैं शिक्षक हूं मैं शिक्षा की,

अमर एक ज्योति जलाऊंगा। 

मरे  अशिक्षा का रावण,

फिर ऐसा तीर चलाऊंगा 

मैं शिक्षक हूं मैं शिक्षा की, 

अमर एक ज्योति जलाऊंगा। 

मुझे हर नन्हे कदमों को,

शिक्षा मंदिर तक लाना है।

चमक जाएगा हर बच्चा, 

मुझे दुनिया को दिखाना है। 

मैं खुद भी मिट भले जाऊं,

मगर ये अभियान चलाऊंगा।

जग में नाम हो मेरे भारत का,

अब ऐसी अलख जगाऊंगा ।

मैं शिक्षक हूं मैं शिक्षा की, 

अमर एक ज्योति जलाऊंगा।

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