जीवन रण गर लंबा हो तो, जीत का स्वाद नही आता।

वक्त बीत जाने पर सब मिलना, तो भी आनंद नहीं आता।

जीवन रण गर लंबा हो तो,जीत का स्वाद नहीं आता।

फसल सूख जाने पर जैसे ,बारिश भी चुभने लगती है। 

कड़ी धूप में जलते जलते, छाया का सुकून भी नहीं भाता।

उम्र बीत जाने पर जैसे, लौट  कर यौवन नहीं आता।

वक्त बीत जाने पर सब मिलना, तो भी आनंद नहीं आता। 

जीवन रण गर लंबा हो तो, जीत का स्वाद नहीं आता।

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