कृष्ण तुम्हें फिर आना होगा
जीवन एक कुरुक्षेत्र बन गया,
मैं अर्जुन बन भटक रहा हूं,
गीता का फिर पाठ सुनाकर,
तुमको राह दिखाना होगा,
कृष्णा तुम्हें फिर आना होगा।
दुनिया की यह भीड़ नहीं,
मुझे कृष्ण ही केवल चाहिए
तुम्हें सारथी बन कर के फिर,
मेरा रथ तो चलाना होगा ,
कृष्णा तुम्हें फिर आना होगा।
कुछ धुन्ध सा छाया जीवन में,
महाभारत के रण के जैसे,
सब अपने जैसे तो लगते हैं,
पर सच तुमको दिखलाना होगा,
कृष्णा तुम्हें फिर आना होगा।
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