तेरी मेरी कहानी में, अजब सा मोड़ आया है।
तुम शिकवे दिल में रखते हो , तुम्हें मैं दिल में रखता हूं ।
चले थे साथ में हम तुम, जब तक ना मोड़ आया था।
तुम्हें शोहरत की हसरत है, मेरी हसरत तो तुम तक है ।
तेरी मेरी कहानी में, अजब सा मोड़ आया है ।
तुम शिकवे दिल में रखते हो, तुम्हें मैं दिल में रखता हूं।
तेरे हर नाज भी हमने, खुद से ज्यादा संभाला है।
तुम्हें गैरों से मिल करके, बड़ा आराम आता है।
मगर मेरी हर धड़कन में, तुम्हारा नाम आता है।
तुम शिकवे दिल में रखते हो, तुम्हें मैं दिल में रखता हूं।
तेरी मेरी कहानी में, अजब सा मोड़ आया है ।
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