आज अगर तुम रुक जाओगे, 

कहो कहां मंजिल पाओगे ।

धरती पल पल चलती रहती,

जीवन में दिन रात है करती। 

तुमको भी कुछ करना होगा, 

पल पल आगे बढ़ना होगा।

सूरज सा चमक चमक कर, 

जग को रोशन करना होगा। 

व्यर्थ नहीं तुम इतना सोचो, 

उठो भाग कर मंजिल छू लो। 

आज अगर तुम रुक जाओगे, 

कहो कहां मंजिल  पाओगे।

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