सिंदूर की कीमत क्या होती,
ये तुमको आज बतायेंगे ।
हम भारत मां के वीर सपूत,
घर में घुसकर मार गिरायेगे।
बार बार मुहं की खाते ,
पर फिर लड़ने आ जाते हो।
लो आग हवन की जला दिए,
अब आहुति देने आए हैं ।
तेरे हर कोने कोने पर,
तिरंगे को हम लहरायेगे ।
नस नस में है आग भरी,
इनको रोक ना पाओगे ।
मुमकिन है विश्व के नक्शे से,
ये तुमको आज मिटायेगें ।
सिंदूर की कीमत क्या होती,
ये तुमको आज बतायेगे ।
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