तेरे रसूख से नहीं कुछ काम चाहिए।

जिंदा अगर हूं खुद का मेरा नाम चाहिए।

मैं चल रहा हूं रेंग कर चलने तो दीजिए ।

मुझको भी मेरे खुद की एक पहचान चाहिए।

जिंदा अगर हूं खुद का मेरा नाम चाहिए।

रग रग में जोश है मेरे कायर नहीं हूं मैं।

मुझको भी मुट्ठी भींच कर लड़ने तो दीजिए ।

इतिहास में मुझे भी मेरा काम चाहिए।

जिंदा अगर हूं खुद का मेरा नाम चाहिए।

मेरी भी अपनी सोच है मेरे भी कुछ वसूल।

अपनी नसीहतों को अब रहने भी दीजिए।

मेरे हुनर को भी अपना कुछ इनाम चाहिए ।

जिंदा अगर हूं खुद का मेरा नाम चाहिए।

तेरे रसूख से नहीं कुछ काम चाहिए।

जिंदा अगर हूं खुद का मेरा नाम चाहिए।

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