बहुत दिनों से दफन हो रहे,

दिल का कोई राज लिखूंगा।

सोच सोच मुस्कराओगे तुम,

मैं तुम्हारी ही बात लिखूंगा।

सुकून भरे इन लम्हो के साथ,

जीवन का इतिहास लिखूंगा।

खुद से ज्यादा यकीं है तुम पर,

इसको ही विश्वास लिखूंगा। 

बहुत दिनों से दफन हो रहे,

दिल का कोई राज लिखूंगा।


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

चूहे जी चले ससुराल

मैं खुद से दूर हूं