मैं लिखता हूं अगर कुछ भी, वो तेरा ही तराना है।
मेरे हर गीत तुमसे है, इन्हें तुमको सुनाना है।
बहुत बेबस बहुत मजबूर, इंसा बन गया हूं मैं।
तुम्हारे एक इशारे पर, ये दिल भी हार जाता है।
तुम्हारे बातों में मेरी, कभी-भी जिक्र हो ना हो ।
मेरी हर बात तुमसे है, जमाना जान जाता है।
मैं लिखता हूं अगर कुछ भी, वो तेरा ही तराना है
मेरे हर गीत तुमसे हैं, इन्हें तुमको सुनाना है।
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