जीवन की धारा में बहकर,

    उस पार तक जाना होगा।

निराधार से जीवन को फिर,

     नए रूप में आना होगा। 

शांतचित्त से सोच समझ लो,

   तुमको कुछ तो पाना होगा।

व्यर्थ गवाते समय जा रहे,

   खुद को फिर चमकाना होगा।

हार में भी कुछ सीख छुपी है,

   मन को फिर समझना होगा।

जीवन की धारा में बहकर,

   उस पार तक जाना होगा। 

    

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