मैं करता हूं नहीं कुछ भी,
मेरा हर काम करते हैं।
मेरे इस दिल के मंदिर में,
प्रभु श्री राम बसते हैं।
सच के पथ पर चलकर के,
बड़ी ठोकर मैं खाया हूं।
मेरे हर दर्द का मरहम,
मेरे श्री राम बनते हैं।
मैं करता हूं नहीं कुछ भी,
मेरा हर काम करते हैं।
मुझे इस जग के हंसने की,
तनिक परवाह अब ना है।
मेरा तो शीश ऊंचा भी,
मेरे प्रभु राम करते हैं।
मैं करता हूं नहीं कुछ भी,
मेरा हर काम करते हैं।
मेरे तो दिल के मंदिर में,
मेरे प्रभु राम बसते हैं।
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