आजकल कुछ रिश्तो के, 

      मायने बदल रहे हैं। 

चेहरे तो अपनों जैसे हैं, 

पर अपने बदल रहे हैं। 

दोस्तों की कहानियां अब,

   किताबों मे रह गई ।

हकीकत में तो सब अपने, 

    ठिकाने बदल रहे हैं। 

कभी मिलते थे जो दिल से,

आज हाल उनका ऐसा है। 

मुझे देखकर के अक्सर,

वे दरवाजे बदल रहे हैं।



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