कौन आये इमदाद पर, किससे दुआ करें,

अच्छा है अपने मर्ज की खुद ही दवा करें।

मेरा ख्याल और है दूसरों का कुछ और,

हर एक का अपना हक है किसको मना करें।

आसान है फरेब जमाने से दोस्तों,

मुमकिन है कोई खुद अपने संग दगा करे।

जहर बहुत ही फैला है इस जहां में, 

अपने लिए हम फिर कोई आसमां चुने।

अच्छा है अपने मर्ज की खुद ही दवा करें।





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