ईश्वर तेरा अंश अगर हूं, 

कुछ तेरे जैसा बन जाऊं 

सरल बनूं और सरस बनूं,

हे नाथ कृपा इतना करना ।

जग की रक्षा के लिए शिवा ने, 

विष का प्याला पी डाला।

विश्व की रक्षा की खातिर, 

मैं भी कुछ ऐसा कर जाऊं।

देश प्रेम और धर्म से मेरा, 

हृदय हमेशा भरा रहे। 

लोभ मोह से ऊपर उठ,

सनातन रंग में रंग जाऊं।

ईश्वर तेरा अंश अगर हूं,

कुछ तेरे जैसा बन जाऊं।




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